विश्व डाक दिवस - 09.10.2026
विश्व डाक दिवस की मेरी पीढ़ी वाले लोगों को बहुत बहुत शुभकामनाएं। पहली नौकरी का आवेदन भेजने और पहली नौकरी का चयन पत्र प्राप्त करने तक उसके उपरांत अंत खुशी और दुख के समाचार भी एक समय इसी माध्यम से मिला करते थे । डाक से घर से दूर हम सैनिकों का तो बहुत पुराना नाता है ही एक उन दिनों चलता था हरा लिफाफा जो सिर्फ सैनिकों के उपयोग हेतु हुआ करता था, जिसे देखते ही घर वालों को तसल्ली हो जाती थी कि उनका फौजी घर से दूर कुशलता से है । फौजी बैरकों में चिट्ठी का आना भी हर्षोल्लास का एक अवसर बन जाता था जब किसी साथ वाले की शादी तय होने, परिवार में बच्चे का जन्म होने या अन्य कोई सुखद समाचार प्राप्त होता था । चिट्ठी चाहे किसी की भी आती थी लेकिन खुशी और दुख सब मिल बाँट कर मना लिया करते थे । हमारी और खैर हमसे तो पहली पीढ़ी हेतु डाकघर और घर घर डाक देने आते डाकिया बाबू एक बहुत ही महत्वपूर्ण व्यक्ति हुआ करते थे । तेरहवीं की कोना कटी हुई चिट्ठी को घर से बाहर ही रख देने की भी परंपरा देखी है और घरों में टंगे किसी तार पर पुरानी चिट्ठियों का संग्रह भी एक समय हुआ करता था । खुला पोस्ट कार्ड भी एक स्थान से ...