दुर्गम स्थानों में शिक्षा
समाचार पत्र में छपी इस खबर ने बरबस ही मेरा ध्यान आकर्षित किया । उत्तराखंड के कुल 13 जिलों में जनपद हरिद्वार, उधमसिंह नगर पूर्ण रूप से मैदानी जिले हैं यानी यहां का माहौल उत्तर प्रदेश से मिलता जुलता है जहां जनपद हरिद्वार की बोली भाषा पर निकटवर्ती जिले सहारनपुर और मुजफ्फरनगर का प्रभाव दिखाई देता है वहीं जनपद यूएस नगर पर बिजनौर और मुरादाबाद का । अक्सर देखने में आता है कि ये दोनों ही जिले कई मानकों में पहाड़ों के अन्य जिलों से पीछे रह जाते हैं जबकि यहां तो स्कूलों और शिक्षकों को सारी सुविधाएं भी प्राप्त हैं और उनका जीवन भी पहाड़ों के अपेक्षाकृत काफी सरल है । आखिर क्या कारण हैं कि ये जनपद शिक्षा में पिछड़े हैं और मुझे बड़ा आश्चर्य भी हुआ कि एक और उत्तराखंड का सबसे दूरस्थ और दुर्गम ब्लॉक मोरी और दूसरी और जिला हरिद्वार का ब्लॉक बहादराबाद दोनो ही नीति आयोग द्वारा आकांक्षी विकास खंड की श्रेणी में रखे गए हैं । यानी जो मानक जिला हरिद्वार के बहादराबाद ब्लॉक को प्राप्त करने हैं वही मानक मोरी को भी प्राप्त करने हैं जहां स्कूलों शिक्षक भी नहीं होते और अंत सुविधाएं भी नगण्य होती हैं । जिला हरिद्वार और us नगर में तो उत्तर राज्य की सबसे ज्यादा औद्योगिक इकाई भी हैं जिनके csr funds भी स्कूलों को प्राप्त होते हैं जबकि पहाड़ों में दूर दराज के ब्लॉक हमारे स्कूलों को ऐसी कोई मदद भी नहीं मिलती फिर भी वहां शिक्षक अपने स्तर से अच्छा कार्य करते दिखाई देते हैं । यह असंतुलन दुर्गम परिस्थितियों में कार्य कर रहे अधिकारियों तथा शिक्षकों के मन में भी एक बड़ा असंतोष उत्पन्न करता है जब किसी भी कारण से उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए जाते हैं कि आपके विषय का रिजल्ट बोर्ड से कम क्यों रहा, आपके स्कूल या ब्लॉक के बच्चों के बोर्ड परीक्षा में 60 प्रतिशत से अधिक अंक बहुत कम बच्चों के ही आए आदि इत्यादि । मेरा अनुरोध NITI Aayog Official से भी रहेगा कि हम ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों और शिक्षकों की भी समस्या सुनी जाय । प्रायः नीति आयोग के प्रतिनिधिमंडल राज्य, जिलों या ज्यादा से ज्यादा ब्लॉक मुख्यालय तक आकर ही वापस चले जाते हैं उन्हें एक बार आकर खास कर आजकल बरसात के दिनों कि किस तरह जान जोखिम में डाल कर शिक्षक अपना कार्य करते हैं और उसके उपरांत भी उनके खिलाफ विभिन्न प्रकार की कार्यवाही चलाए जाने की धमकियां जनपद स्तर के अधिकारियों के स्तर से मिलती रहती हैं जो स्वयं भी कभी कभार ही इन दूरस्थ ब्लॉक के दूरस्थ स्कूलों तक पहुंच पाते हैं ।
अंत में मैं यह भी सभी पाठकों को गर्व के साथ बताना चाहूंगा कि नीति आयोग द्वारा जारी डेल्टा रैंकिंग में उत्तराखंड के अन्य सभी 06 आकांक्षी ब्लॉक में मोरी ब्लॉक सबसे ऊपर है तथा भारत में 133 क्रमांक पर ।
#beokidiary
Comments
Post a Comment