ग्रामीण जीवन

आज छुट्टी थी तो लंबी सी पैदल यात्रा पर निकल गया । करीब 07 किलोमीटर पैदल चल कर इस चाय की दुकान पर पहुंचा तो ये बालिका आई और प्रणाम किया । पूछने पर पता चला कि वर्ष 2024 में ब्लॉक के KGBV से कक्षा 12 पास की थी और उसी वर्ष अपने ही सहपाठी से विवाह भी कर लिया था और अब ये इस प्यारी सी बच्ची की मां भी बन चुकी है । सुबह पैदल चलते हुए जेब में मोबाइल तो रहता है और आजकल तो सभी जगह UPI से काम चल जाता है फिर भी सौ रुपए का एक नोट और कुछ खुले पैसे रख लिए थे । सौ रुपए इस बिटिया को आशीर्वाद स्वरूप दे दिए । पूछने पर इसने बताया कि BA कर रही है और इसका पति पॉलीटेक्निक कर रहा है । यानी दोनों अभी पढ़ ही रहे हैं । अच्छी बात है कि जिस परिवार में शादी हुई है वहीं अपनी बहु को भी आगे पढ़ा रहे हैं । खैर ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसा होना आम बात है लेकिन अच्छी बात यही लगी कि शादी के बाद भी बालिका द्वारा अपनी पढ़ाई जारी रखी गई और ससुराल वाले भी इसे सहयोग प्रदान कर रहे हैं । बच्ची को मैने आशीर्वाद दिया और फिर आगे बढ़ चला ।
#beokidiary

Comments

Popular posts from this blog

सरकारी स्कूलों का योगदान

एक दिन, दो सच्ची कहानी

तैयारी वाले लोग